उत्तरमुखी घर वास्तु योजना शौचालय
उत्तर दिशा में घर बनाने के लाभ और नियम

परिचय
उत्तरमुखी घर वास्तु योजना बनाते समय, यह महत्वपूर्ण है कि आप वास्तु शास्त्र के नियमों का पालन करें। उत्तर दिशा को धन और समृद्धि की दिशा माना जाता है, इसलिए इस दिशा में घर बनाने से आपको कई लाभ हो सकते हैं। इस लेख में, हम उत्तरमुखी घर वास्तु योजना के साथ शौचालय के बारे में हिंदी में चर्चा करेंगे, जिसमें इसका महत्व, नियम और लाभ शामिल हैं।
उत्तरमुखी घर वास्तु योजना के साथ शौचालय क्या है?
उत्तरमुखी घर वास्तु योजना एक ऐसी योजना है जिसमें घर का मुख्य द्वार उत्तर दिशा में होता है। इस दिशा में घर बनाने से आपको कई लाभ हो सकते हैं, जैसे कि धन और समृद्धि। शौचालय की वास्तु भी बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह घर की ऊर्जा को प्रभावित कर सकता है।
उत्तरमुखी घर वास्तु योजना के साथ शौचालय के लिए मुख्य वास्तु नियम
उत्तरमुखी घर वास्तु योजना के साथ शौचालय बनाते समय, आपको निम्नलिखित नियमों का पालन करना चाहिए:
Direction Rules
- घर का मुख्य द्वार उत्तर दिशा में होना चाहिए।
- शौचालय को घर के उत्तर-पूर्व या उत्तर-पश्चिम भाग में बनाना चाहिए।
- शौचालय की दीवारों पर दरवाजे नहीं होने चाहिए।
Do's
- शौचालय में रोशनी और हवा की व्यवस्था होनी चाहिए।
Don'ts
- उत्तर दिशा में शौचालय नहीं होना चाहिए।
- शौचालय की दीवारों पर दरवाजे नहीं होने चाहिए।
- शौचालय में रोशनी और हवा की व्यवस्था नहीं होनी चाहिए।
- घर के उत्तर-पूर्व भाग में शौचालय नहीं होना चाहिए।
आदर्श वास्तु लेआउट / दिशा नियम
उत्तरमुखी घर वास्तु योजना के साथ शौचालय बनाते समय, आपको निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए:
Room Positions
- घर के उत्तर-पूर्व भाग में पूजा घर होना चाहिए।
- घर के उत्तर-पश्चिम भाग में शौचालय होना चाहिए।
- घर के दक्षिण भाग में बेडरूम होना चाहिए।
- घर के पश्चिम भाग में रसोई होनी चाहिए।
Entrance Rules
Energy Flow
आम गलतियाँ जिनसे बचना चाहिए
- उत्तर दिशा में शौचालय नहीं होना चाहिए।
- शौचालय की दीवारों पर दरवाजे नहीं होने चाहिए।
- शौचालय में रोशनी और हवा की व्यवस्था नहीं होनी चाहिए।
- घर के उत्तर-पूर्व भाग में शौचालय नहीं होना चाहिए।
सही वास्तु का पालन करने के लाभ
- धन और समृद्धि की प्राप्ति।
- घर की ऊर्जा का संतुलन।
- स्वास्थ्य और खुशी की वृद्धि।
विशेषज्ञ सलाह
- हमेशा एक अनुभवी वास्तु विशेषज्ञ से परामर्श लें।
- घर की योजना बनाते समय, ऊर्जा के प्रवाह को ध्यान में रखें।
- घर के हर हिस्से में रोशनी और हवा की व्यवस्था होनी चाहिए।
निष्कर्ष
उत्तरमुखी घर वास्तु योजना के साथ शौचालय बनाने से आपको कई लाभ मिल सकते हैं। इस योजना में घर का मुख्य द्वार उत्तर दिशा में होता है, जो धन और समृद्धि की दिशा है। शौचालय को घर के उत्तर-पूर्व या उत्तर-पश्चिम भाग में बनाना चाहिए, और इसमें रोशनी और हवा की व्यवस्था होनी चाहिए।
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