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Dakshin mukhi ghar ke liye vastu

Vastu Dosh Nivaran for South Facing House

Solve Vastu problems in south facing homes easily now

December 13, 2025
3 min read
Vastu Dosh Nivaran for South Facing House

परिचय

वास्तु शास्त्र एक प्राचीन भारतीय विज्ञान है जो हमें बताता है कि हम अपने घरों और भवनों को कैसे डिज़ाइन करें ताकि वे हमारे लिए सुख, समृद्धि और शांति प्रदान करें। दक्षिण मुखी घरों में वास्तु दोष होना एक आम समस्या है, जिससे निवारण करना बहुत जरूरी है। इस लेख में, हम आपको बताएंगे कि वास्तु दोष निवारण के लिए दक्षिण मुखी घरों में क्या सुधार करने चाहिए।

वास्तु दोष निवारण: दक्षिण मुखी घर के लिए अर्थ और महत्व

वास्तु दोष निवारण का अर्थ है अपने घर में वास्तु संबंधी समस्याओं को पहचानना और उनका समाधान करना। दक्षिण मुखी घरों में अक्सर वास्तु दोष पाया जाता है, जिससे घर के सदस्यों को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन समस्याओं में शामिल हैं आर्थिक समस्याएं, स्वास्थ्य समस्याएं और रिश्तों में तनाव।

वास्तु दोष निवारण के लिए दक्षिण मुखी घरों में महत्वपूर्ण वास्तु सिद्धांत

दक्षिण मुखी घरों में वास्तु दोष निवारण के लिए निम्नलिखित वास्तु सिद्धांतों का पालन करना चाहिए:

दक्षिण दिशा में शौचालय और बाथरूम नहीं होने चाहिए।

  • दक्षिण दिशा में शौचालय और बाथरूम नहीं होने चाहिए।
  • दक्षिण दिशा में अग्नि संबंधी उपकरण जैसे कि ओवन, गैस स्टोव आदि नहीं रखने चाहिए।
  • दक्षिण दिशा में पानी संबंधी उपकरण जैसे कि वॉशिंग मशीन, फ्रिज आदि नहीं रखने चाहिए।
  • दक्षिण दिशा में कमरों के दरवाजे नहीं होने चाहिए।
  • दक्षिण दिशा में बालकनी और खिड़कियां नहीं होनी चाहिए।

आदर्श वास्तु लेआउट / दिशा नियम

दक्षिण मुखी घरों में आदर्श वास्तु लेआउट के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए:

प्रवेश द्वार दक्षिण दिशा में नहीं होना चाहिए।

  • प्रवेश द्वार दक्षिण दिशा में नहीं होना चाहिए।
  • कमरे दक्षिण दिशा में नहीं होने चाहिए।
  • शौचालय और बाथरूम उत्तर या पश्चिम दिशा में होने चाहिए।
  • अग्नि संबंधी उपकरण पूर्व या उत्तर दिशा में रखने चाहिए।

आम गलतियां जिनसे बचना चाहिए

दक्षिण मुखी घरों में वास्तु दोष निवारण के लिए निम्नलिखित आम गलतियों से बचना चाहिए:

  • दक्षिण दिशा में शौचालय और बाथरूम बनाना।
  • दक्षिण दिशा में अग्नि संबंधी उपकरण रखना।
  • दक्षिण दिशा में पानी संबंधी उपकरण रखना।
  • दक्षिण दिशा में कमरे बनाना।
  • दक्षिण दिशा में बालकनी और खिड़कियां बनाना।

वास्तु दोष निवारण के लाभ

दक्षिण मुखी घरों में वास्तु दोष निवारण के लिए निम्नलिखित लाभ हैं:

  • आर्थिक समस्याओं से मुक्ति।
  • स्वास्थ्य समस्याओं से मुक्ति।
  • रिश्तों में तनाव कम करना।
  • घर में शांति और सुख का वातावरण बनाना।

विशेषज्ञ टिप्स

दक्षिण मुखी घरों में वास्तु दोष निवारण के लिए निम्नलिखित विशेषज्ञ टिप्स हैं:

  • दक्षिण दिशा में शौचालय और बाथरूम को उत्तर या पश्चिम दिशा में स्थानांतरित करें।
  • दक्षिण दिशा में अग्नि संबंधी उपकरणों को पूर्व या उत्तर दिशा में रखें।
  • दक्षिण दिशा में पानी संबंधी उपकरणों को उत्तर या पश्चिम दिशा में रखें।
  • दक्षिण दिशा में कमरों के दरवाजों को उत्तर या पश्चिम दिशा में खोलने के लिए डिज़ाइन करें।

निष्कर्ष

दक्षिण मुखी घरों में वास्तु दोष निवारण बहुत जरूरी है क्योंकि इससे घर के सदस्यों को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस लेख में, हमने आपको बताया कि वास्तु दोष निवारण के लिए दक्षिण मुखी घरों में क्या करना चाहिए और किन आम गलतियों से बचना चाहिए।

प्रश्न और उत्तर

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